इन दो विषयों मे गुणवत्ता मूल्यांकन के लिए सीबीएसई ने की है इस बार अलग व्यवस्था
विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय के गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन हेतु अलग व्यवस्था
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मूल्यांकन के लिए सीबीएसई ने की है अलग व्यवस्था |
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) की 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से आरम्भ हो रही है और सीबीएसई इसके लिए पूरी जोर शोर से तैयारी भी कर रहा है | सीबीएसई में बोर्ड परीक्षा आरम्भ होते ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य भी शुरू हो जाता है इस बार सीबीएसई ने बोर्ड के परीक्षार्थियों के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की पद्धति को विस्तार दिया है इसमें निम्नलिखित परिवर्तन किये गए है जिन्हे मूल्यांकन करने जाने वाले प्रत्येक शिक्षक को जानना चाहिए -
- प्रत्येक शिक्षक जिसे सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर परीक्षाओं के गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए नियुक्त किया है उसे एक घंटे में केवल तीन उत्तर पुस्तिकाएं जांचने को दी जाएगी |
- प्रत्येक शिक्षक जिसे सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर परीक्षाओं के गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए नियुक्त किया वह प्रतिदिन केवल 20 मुख्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को ही जांचेगा |
- सीबीएसई बोर्ड इस बार मूल्यांकन के लिए मूल्यांकन शून्य त्रुटि पद्धति के अंतर्गत मूल्यांकन में शामिल सभी पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी से मूल्यांकन से पूर्व ही अवगत कराएगा |
- कक्षा 10 के मुख्य विषयों में शामिल सामाजिक विज्ञान और विज्ञान की उत्तरपुस्तिकाओं के गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए भौतिक , रसायन और जीव विज्ञान में योग्यता रखने वाले सहायक अध्यापक और प्रवक्ता शामिल किए जायेंगे, सामाजिक विज्ञान की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए भूगोल ,राजनीति विज्ञान , इतिहास और अर्थशास्त्र में योग्यता रखने वाले PGT मूल्यांकनकर्ता की सहायता के लिए तैनात रहेंगे |
- इनके अतिरिक्त अन्य विषयों के लिए प्रतिदिन गुणवत्तापरक मूल्यांकन के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 25 उत्तर पुस्तिकाएं प्रतिदिन की सीमा निर्धारित की गयी है |
- सीबीएसई ने इस बार प्रत्येक मूल्यांकनकर्ता के साथ एक सहायक परीक्षक भी तैनात किया है जो मूल्यांकन के बाद उत्तर पुस्तिका की जाँच करेंगे जैसे कुल योग सही है या नहीं और प्रश्नो को सही तरीके से मूल्यांकित किया गया है या नहीं |
- मूल्यांकन कार्य प्रत्येक दिन आठ घंटे चलेगा लेकिन किसी भी शिक्षक को शाम के पांच बजे से पहले मूल्यांकन केंद्र छोड़ने की अनुमति नहीं होगी ,समयबाध्यता का कड़ाई से पालन किया जायेगा |
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