एक देश एक चुनाव- क्या है चुनौतियां
वन नेशन, वन इलेक्शन - नया भारत एक देश एक चुनाव एक देश एक चुनाव विश्व के लिए कोई नया विचार नहीं है आज तक विश्व के तीन देश दक्षिण अफ्रीका , स्वीडन और बेल्जियम एक देश एक चुनाव की पद्धति का बिना किसी अवरोध या परेशानी के पालन कर रहे है यक़ीनन एक सुदृढ़ और समृद्ध लोकतंत्र के लिए एक देश एक चुनाव का चयन करना लोकतंत्र की महंगी चुनाव प्रणाली का बेहतर विकल्प है, भारत सरकार ने एक देश एक चुनाव पर परामर्श और संभावनाएं को लेकर आज तक तीन समितियां संसद की स्थायी समिति , विधि आयोग ,और नीति आयोग का गठन किया है ,वर्तमान में एक देश एक चुनाव को लेकर चौथी समिति कोविंद समिति का गठन किया गया है जिसके अध्यक्ष भारत के पूर्व राष्ट्रपति माननीय श्री रामनाथ कोविंद जी होंगे , श्री रामनाथ कोविंद जी एक विधिवेत्ता भी है,उनका राष्ट्रपति का बेदाग कार्यकाल उनकी कार्यशैली का प्रमाण भी है उनकी अध्यक्षता में बनी समिति सरकार की एक देश एक चुनाव को लेकर गंभीरता को दिखाती है | "एक देश,एक चुनाव" लोकतंत्र में चुनौतियां- " एक देश, एक चुनाव" लोकतंत्र की कुछ चुनौतियां हो सकती हैं: विविधता ...