सीबीएसई इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल रूप से जांचेगा
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| सीबीएसई |
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इस वर्ष से कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा की मूल्यांकन प्रणाली में एक बड़ा परिवर्तन करने एक निर्णय लिया है जिसका दूरगामी प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है क्योंकि इस परिवर्तन के बाद सीबीएसई एक कदम और डिजिटल भारत के सपने के साकार करता दिखाई पड़ेगा |
इस वर्ष यानि 2025-2026 से कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाएं पारम्परिक तरीके से नहीं जांची जाएगी बल्कि इन्हे सीबीएसई द्वारा डिजिटल रूप से स्कैन कर मूल्याङ्कन करने वाले शिक्षक को स्क्रीन पर दिखाया जायेगा और परीक्षक अध्यापक कंप्यूटर स्क्रीन पर ही इन की जाँच कर छात्रों को सीधे अंक प्रदान करेंगे इससे ये पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम , उन्नत और पेपरलेस हो जाएगी साथ ही साथ बोर्ड परीक्षा परिणाम को एक साथ संकलित करना भी ज्यादा सरल और त्वरित हो जायेगा , इस पूरी प्रक्रिया से पूर्व छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका में वैसे ही कागज और पेन से लिखेंगे जैसे पहले लिखते थे लेकिन मूल्याङ्कन करने का तरीका अब मैन्युअल न होकर डिजिटल हो जायेगा | उत्तर पुस्तिका को जांचने वाले परीक्षक अपने यूजर ID और पासवर्ड से अपने सिस्टम पर छात्रों की उत्तर पुस्तिका को खोलकर पढ़कर ,अंक भी सीधे स्क्रीन पर ही देंगे इस पूरी प्रक्रिया में सीबीएसई उच्च कोटि के स्कैनर सिस्टम उपयोग करेगा ताकि उत्तरपुस्तिकाओं को HD गुणवत्ता या अच्छी गुणवत्ता में स्कैन कर परीक्षक तक डाटा पहुँचाया जा सकें |
इस नई डिजिटल प्रणाली से सबसे बड़ा लाभ छात्रों को होगा क्योंकि कभी कभी परीक्षक से उत्तरपुस्तिकाओं की मैन्युअल जाँच के दौरान कुछ प्रश्न छूट जाते थे या अंक को जोड़ने में भी कभी कभी मानवीय भूल से त्रुटि हो जाती थी जिसका खामियाजा छात्र को भुगतना पड़ता था लेकिन अब ये सॉफ्टवेयर सभी अंकों को ऑटोमैटिकली जोड़कर बता देगा और इस सॉफ्टवेयर में हर उत्तर को रिकॉर्ड करना अनिवार्य होगा जिसके कारण परिणाम शीघ्र और सटीक प्राप्त होंगे |
इस डिजिटल प्रणाली के लागू होने के बाद परीक्षा परिणाम भी जल्दी घोषित किये जा सकेंगे , पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी हो सकेगी और पुरे रिकॉर्ड के डिजिटल होने कारण इसे बहुत शीघ्रता के साथ एक्सेस भी किया जा सकेगा |
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| हिममेधा ब्लॉग |
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