कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षार्थी न करें ये गलती , सही उत्तर लिखने पर मिलेंगे शून्य अंक
बोर्ड परीक्षा में चाहिए अच्छे अंक तो करें सैंपल पेपर से परीक्षा की तैयारी
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| हिममेधा |
सीबीएसई की परीक्षा में बोर्ड ने छात्रों को विशेष हिदायत दी है अगर इस और ध्यान नहीं दिया गया तो छात्रों को सही उत्तर लिखने पर भी मिल सकते है ज़ीरो अंक |
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मूल्याङ्कन प्रक्रिया को डिजिटल और सटीक बनाने के लिए सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10 के छात्रों के लिए दो विषयों में सामाजिक विज्ञान और विज्ञान के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है जैसे सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों को हल करने से पूर्व छात्रों को उत्तर पुस्तिका को इस प्रकार से योजनाबद्ध करना होगा कि इसे चार भागों में इतिहास , भूगोल , अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में बांटकर काम किया जा सकें ,इसके बाद आपको इतिहास के प्रश्नों के उत्तर इतिहास के सेक्शन में ही करने है जैसे आपने उत्तर पुस्तिका के शुरुआत में इतिहास के प्रश्न हल करने है तो आप पहले ये देख लें कि प्रश्नपत्र में इतिहास को किस सेक्शन में रखा गया है मान ले कि इतिहास सेक्शन क या खंड क में रखा गया है तो आपको इतिहास से सम्बंधित सभी प्रश्नों के उत्तर खंड क़ वाले सेक्शन में ही करने है अगर आप खंड क़ वाले सेक्शन में यानि खंड क जो इतिहास का सेक्शन है उसमे खंड ब या खंड स के प्रश्न भी लिख देते है तो आपके उत्तर सही होने पर भी उन प्रश्नों के उत्तर पर अंक नहीं दिए जायेंगे क्योंकि आपने गलत सेक्शन में उत्तर लिखें है |
इसी प्रकार से विज्ञान विषय के लिए भी उत्तर पुस्तिका को 3 भागों में बाँट लें , पहले सेक्शन में बायोलोजी दूसरे खंड में केमिस्ट्री और तीसरे खंड में फिजिक्स के प्रश्नों के उत्तर लिखने है अगर आप खंड क़ वाले सेक्शन में यानि खंड क जो बायोलॉजी का सेक्शन है उसमे खंड ब या खंड स के प्रश्न भी लिख देते है तो आपके उत्तर सही होने पर भी उन प्रश्नो के उत्तर पर अंक नहीं दिए जायेंगे क्योंकि आपने गलत सेक्शन में उत्तर लिखें है |
छात्र किसी एक खंड के अंदर उसी खंड के प्रश्नों के उत्तर अपनी सुविधा आगे पीछे करके दे सकते है , सभी छात्रों को एक विशेष सलाह दी जा सकती है कि प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका मिलते ही वे ये योजना बना ले कि प्रश्न पत्र के एक खंड को पूरा करने के बाद नया खंड नए पेज से शुरू करें |
सीबीएसई बोर्ड हो या अन्य बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए सैंपल पेपर सबसे अच्छे श्रोत होते है क्योंकि इससे परीक्षार्थियों को न केवल परीक्षा में आने वाले पेपर का पैटर्न मालूम होता है बल्कि प्रश्नपत्र की मार्किंग स्कीम के बारे में भी जानकारी मिल जाती है जो परीक्षा में उसे एक अच्छी नीति बनाने में सहायता करती है , साथ ही उन्हें परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का पैटर्न भी पता लग जाता है |
सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी से आरम्भ हो रही है जिसके जिसके लिए सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को सीबीएसई की वेबसाइट से सैंपल पेपर डाउनलोड कर उन्हें एक बार जरूर पढ़ना चाहिए |
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