परीक्षा केंद्र के प्रधानाचार्य, परीक्षा केंद्र प्रभारी को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्ति संबंधी आदेश
परीक्षा केंद्र के प्रधानाचार्य, परीक्षा केंद्र प्रभारी को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्ति संबंधी आदेश
![]() |
| हिममेधा |
![]() |
| आदेश |
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं को शुचितापूर्ण और नकलविहीन संपन्न कराने के लिए शासन द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वर्ष 2026 की परीक्षाओं के लिए निर्गत शासनादेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्यों को 'विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट' (Special Executive Magistrate) की शक्तियां प्रदान की गई हैं।
इस नियुक्ति के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- अनुशासन और नियंत्रण: इस अधिकार के मिलने से प्रधानाचार्य परीक्षा केंद्र के भीतर और निर्धारित परिधि में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी होंगे।
- कानूनी शक्ति: वे परीक्षा में व्यवधान डालने वाले तत्वों, अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों या बाहरी हस्तक्षेप करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई कर सकेंगे।
- नकल पर अंकुश: मजिस्ट्रेट की शक्तियां होने से केंद्रों पर पुलिस बल का समन्वय और निरीक्षण अधिक प्रभावी होगा, जिससे नकल माफियाओं पर लगाम कसी जा सकेगी।
- पवित्रता बनाए रखना: यह कदम बोर्ड परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने और मेधावी छात्रों के हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से लिया गया है।
यह शासनादेश प्रधानाचार्यों को न केवल प्रशासनिक बल्कि न्यायिक गरिमा भी प्रदान करता है ताकि परीक्षा प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूर्ण हो सके।
YOU MAY ALSO LIKE IT-
![]() |
| आपकी छोटी सी मदद उनकी मुस्कान बन सकती है जरूरतमंद छात्रों की सहायता के लिए कृपया डोनेट करें |
- उत्तराखण्ड में शिक्षकों को दुर्गम की सेवाओं का दोगुना लाभ मिलना शुरू
- इस पड़ौसी राज्य में अब सहायक अध्यापक भी बन सकेंगे प्रधानाचार्य
- प्रोजेक्ट कार्य सामाजिक विज्ञान- यूरोप में समाजवाद और रुसी क्रांति
- सीबीएसई परीक्षा में स्कूल ने गलती से छात्रा को दे दिए जीरो मार्क्स, अब कोर्ट ने लगाया 30 हजार रूपये का जुर्माना
- उत्तराखण्ड बोर्ड ने घोषित की प्रैक्टिकल और बोर्ड परीक्षा की डेट




टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
please do not enter any spam link in the comment box.