उत्तराखंड में राज्य और जिला स्तर पर समन्वयकों के पदों पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर प्रवक्ताओं की तैनाती के संबंध में
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हिममेधा
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उत्तराखंड में राज्य और जिला स्तर पर समन्वयकों (Coordinators) की तैनाती मुख्य रूप से समग्र शिक्षा अभियान जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के सुचारू संचालन के लिए की जाती है। इन पदों पर नियुक्ति प्रतिनियुक्ति (Deputation) के माध्यम से की जाती है, जिसमें मुख्य रूप से शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक और अधिकारी आवेदन कर सकते हैं।
प्रमुख नियम और शर्तें:
- कार्यकाल: शासन की नई नीति के अनुसार, प्रतिनियुक्ति की सामान्य अवधि 3 वर्ष होती है, जिसे वित्त विभाग की सहमति से अधिकतम 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद 5 वर्ष का 'कूलिंग पीरियड' अनिवार्य है।
- पात्रता: समन्वयकों के चयन के लिए शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और आयु सीमा (अक्सर अधिकतम 50 वर्ष) निर्धारित होती है। तैनाती के लिए अक्सर शैक्षिक गुणांक (Merit) को आधार बनाया जाता है।
- पदों का विवरण: राज्य परियोजना कार्यालय (देहरादून) और प्रदेश के सभी 13 जिलों में अलग-अलग संख्या में पद स्वीकृत होते हैं। उदाहरण के लिए, बड़े जिलों में 7 और छोटे जिलों में 3 से 5 समन्वयकों की तैनाती का प्रावधान है।
इन समन्वयकों की मुख्य भूमिका शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारना और ब्लॉक (BRC) व संकुल (CRC) स्तर के कार्यों की निगरानी करना है। |
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