डीडीओ स्तर पर होगा वैरिफिकेशन

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हिममेधा
केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों (जैसे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) ने सरकारी कर्मचारियों के लिए iGOT प्लेटफॉर्म पर ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है। कई विभागों ने हाल ही में ऐसे आदेश जारी किए हैं जिनमें साल भर में कम से कम 3 से 5 कोर्स या निश्चित घंटों की ट्रेनिंग पूरी करना अनिवार्य बताया गया है।
2. क्या वेतन रुक सकता है?
हाँ, सरकार इस दिशा में काफी सख्त हो रही है। कुछ राज्यों में प्रशासनिक स्तर पर ऐसे निर्देश दिए गए हैं कि यदि कर्मचारी निर्धारित ऑनलाइन कोर्स पूरे नहीं करते हैं, तो उनकी Annual Performance Assessment Report (APAR) यानी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट पर इसका असर पड़ेगा। चूंकि वेतन वृद्धि (Increment) और प्रमोशन APAR पर निर्भर करते हैं, इसलिए इसका सीधा संबंध आपके आर्थिक लाभ से जुड़ जाता है।
3. लागू होने का समय
इमेज में वर्ष 2026-27 का जिक्र है। वर्तमान में (2024-2025) यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। धीरे-धीरे इसे पूरी तरह अनिवार्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि सरकारी कामकाज में डिजिटल कुशलता आए।
मुख्य बिंदुओं का सार:
- प्लेटफॉर्म: iGOT (Integrated Government Online Training) कर्मयोगी।
- अनिवार्यता: हर कर्मचारी को कम से कम 3 कोर्स पूरे करने होंगे।
- वेतन/APAR: कोर्स पूरा न होने पर वेतन रुकने या APAR में नेगेटिव मार्किंग की संभावना।
- सत्यापन: DDO (Drawing and Disbursing Officer) स्तर पर प्रमाण पत्र की जांच अनिवार्य होगी।
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