आठवीं वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) की प्रमुख सिफारिशें अभी तक अंतिम रूप से जारी नहीं हुई हैं।
यह आयोग नवंबर 2025 में गठित किया गया था और अभी परामर्श (consultation) चरण में है। कर्मचारी संघ, पेंशनर और अन्य हितधारक अपनी मांगें जमा कर रहे हैं। आयोग को 18 महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
वर्तमान स्थिति (मई 2026 तक)
गठन: नवंबर 2025 (कुछ रिपोर्ट्स में जनवरी 2025 का उल्लेख)।
अध्यक्ष: जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई।
रिपोर्ट सबमिशन: 18 महीने के अंदर (संभावित 2027 तक)।
लागू होने की तारीख: 1 जनवरी 2026 से (संभावित)।
लाभार्थी: लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी + 65-69 लाख पेंशनर।
कर्मचारी संघों की प्रमुख मांगें (Demands)
ये आधिकारिक सिफारिशें नहीं हैं, बल्कि यूनियनों (जैसे NC-JCM) द्वारा प्रस्तुत की गई मुख्य मांगें हैं:
| विषय | वर्तमान (7वें आयोग) | संघों की मांग (8वें आयोग) |
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| फिटमेंट फैक्टर | 2.57 | 3.0 से 3.83 तक |
| न्यूनतम बेसिक पे| ₹18,000 | ₹51,000 से ₹69,000 तक |
|वार्षिक इंक्रीमेंट| 3% | 6% |
| HRA | 27%, 18%, 9% | 40%, 35%, 30% (X, Y, Z शहर) |
| पेंशन | NPS / 50% | पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) बहाल, 67% ऑफ लास्ट पे| फैमिली पेंशन| 50% |
अन्य महत्वपूर्ण अपेक्षित सिफारिशें
DA मर्जिंग: मौजूदा Dearness Allowance को बेसिक पे में मर्ज करके नया स्ट्रक्चर।
पे मैट्रिक्स: नया Pay Matrix टेबल, जिसमें ज्यादा स्तर और बेहतर प्रमोशन अवसर।
भत्ते: HRA, TA, Medical Allowance आदि में वृद्धि।
पेंशनर्स: न्यूनतम पेंशन बढ़ाना, Dearness Relief में सुधार।
अन्य: आर्थिक स्थिति, राजकोषीय अनुशासन और विकास व्यय को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें।
क्या उम्मीद की जा रही है?
संभावित हाइक: 24% से 34% तक (फिटमेंट फैक्टर 2.57-2.85 पर आधारित)। कुछ अनुमान 30%+ के हैं।
arrears: 1 जनवरी 2026 से लागू होने पर बकाया भुगतान मिल सकता है।
नोट: ये सब अभी केवल चर्चा/मांग के स्तर पर हैं। आयोग की आधिकारिक सिफारिशें आने के बाद ही अंतिम फैसला होगा, जिसे सरकार मंजूरी देगी।
अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें: [8cpc.gov.in](https://8cpc.gov.in/)
अगर आपको किसी खास पहलू (जैसे सैलरी कैलकुलेटर, पे लेवल आदि) पर विस्तार चाहिए तो बताएं!
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